सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर उबाल बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को सिद्धार्थनगर के जिला मुख्यालय स्थित BSC ग्राउंड पर शिक्षक संघ के बैनर तले लगभग 400 शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि 2010 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर अब TET थोपना उनके साथ सरासर अन्याय है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ा संकट
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2011 से प्रभावी हुआ था, जिसमें पुरानी नियुक्तियों को छूट दी गई थी। लेकिन 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद अब सभी पुराने शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है।
गैर-शैक्षणिक कार्यों का भी विरोध
शिक्षक नेता राधे रमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों से आधार कार्ड फीडिंग और सर्वेक्षण जैसे गैर-जरूरी काम कराए जा रहे हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
0 टिप्पणियाँ