बस्ती/सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार आज माह के तीसरे शनिवार को बस्ती मंडल और अंबेडकरनगर की सभी तहसीलों में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड कम होने के बाद आज फरियादियों की भारी भीड़ तहसील मुख्यालयों पर अपनी व्यथा लेकर पहुँची। रिपोर्ट के अनुसार, आज सबसे अधिक मामले राजस्व (Property Dispute) और पुलिस विभाग से जुड़े रहे।
बस्ती सदर: वरासत और पैमाइश के मामलों की भरमार
बस्ती सदर तहसील में जिलाधिकारी की मौजूदगी में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। यहाँ मुख्य मुद्दा 'वरासत' के लंबित मामलों का रहा। कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि महीनों पहले ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद लेखपाल रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन लेखपालों को स्पष्टीकरण जारी करने और एक कानूनगो के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गरीबों को कार्यालयों के चक्कर लगवाने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरेगी।
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): नाली और रास्ते के विवाद में उलझा प्रशासन
सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज तहसील में आज समाधान दिवस के दौरान ग्रामीण अंचलों से आए लोगों ने सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतें दर्ज कराईं। ग्राम पंचायत स्तर पर नालियों के निर्माण में अनियमितता और प्रधानों की मनमानी के कई गंभीर मामले सामने आए। उपजिलाधिकारी (SDM) डुमरियागंज ने मौके पर ही राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की और निर्देश दिया कि शाम तक कम से कम 5 विवादित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी जाए।
खलीलाबाद (संतकबीरनगर): बिजली बिल और अवैध वसूली पर हंगामा
खलीलाबाद तहसील में आज किसानों का गुस्सा बिजली विभाग के खिलाफ फूटा। फरियादियों का आरोप है कि 'स्मार्ट मीटर' लगने के बाद बिलों में अचानक उछाल आया है और शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, मेंहदावल रोड के कुछ दुकानदारों ने नगर पालिका के कर्मचारियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए, जिस पर एडीएम (ADm) ने जांच कमेटी बैठा दी है।तहसील कुल प्राप्त शिकायतें मौके पर निस्तारण विभाग (सबसे ज्यादा मामले)
बस्ती सदर 145 18 राजस्व विभाग
डुमरियागंज 92 12 पुलिस/रास्ता विवाद
खलीलाबाद 110 15विद्युत
पोर्टल से बात करते हुए एक फरियादी ने कहा, "साहब, कागज पर तो समाधान हो जाता है, लेकिन जमीन पर कब्जा जस का तस रहता है।" जनता की यह प्रतिक्रिया इस बात की ओर इशारा करती है कि प्रशासन को शिकायतों के निस्तारण के बाद उसकी 'क्वालिटी चेकिंग' भी करनी होगी।
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