रामनगर (बस्ती)। बस्ती जिले के रामनगर विकासखंड में गुरुवार को माहौल उस समय गरमा गया जब बड़ी संख्या में रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी (BDO) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विकासखंड परिसर में एक दिवसीय धरने पर बैठे रोजगार सेवकों ने BDO पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है और सात-आठ महीने से मानदेय भी नहीं दिया गया है।
"सारी चर्बी निकाल दूंगा..." जैसे अपशब्दों का आरोप
रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शत्रुघन यादव ने उपजिलाधिकारी (SDM) भानपुर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि BDO रामनगर ने एक रोजगार सेवक मुकेश चौधरी को फोन पर बेहद आपत्तिजनक शब्द कहे। आरोप है कि अधिकारी ने फोन पर कहा, "चर्बी चढ़ गई है, सारी चर्बी निकाल दूंगा।" इस अभद्र व्यवहार से आहत होकर सभी कर्मचारियों ने अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मानदेय बकाया और काम का बोझ
रोजगार सेवकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति मनरेगा कार्यों के लिए हुई थी, लेकिन उन पर EKYC, SIR, फॉर्म रजिस्ट्री और सवै आवास जैसे अतिरिक्त कार्यों का बोझ डाल दिया गया है। इसके बावजूद, पिछले 7-8 महीनों से मानदेय बकाया है। शासन से बजट जारी होने के बाद भी भुगतान न होने से कर्मचारियों में भारी रोष है।
BDO का पक्ष: खंड विकास अधिकारी रामनगर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया है।
SDM की जांच के बाद थमा प्रदर्शन
हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पहुँचे उपजिलाधिकारी भानपुर ने रोजगार सेवकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानदेय और व्यवहार संबंधी शिकायतों का जल्द निस्तारण किया जाएगा।
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