बस्ती। गुरुवार को जिला अस्पताल चौराहे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। घंटों तक लगे भीषण जाम के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और खासकर मरीजों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे पूरा इलाका घंटों तक बंधक बना रहा।
इस जाम का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जिला अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस से लेकर तीमारदारों की गाड़ियां तक इस जाम में फंसी रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल के मुख्य मार्ग पर ई-रिक्शा, ऑटो और ठेलों के अवैध रूप से खड़े रहने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हुआ।
जाम की स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब स्कूलों की छुट्टी के समय अचानक वाहनों का दबाव बढ़ गया। सड़क किनारे सजी अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण ने आग में घी डालने का काम किया। घंटों तक लोग चिलचिलाती धूप और शोर-शराबे के बीच फंसे रहे, लेकिन व्यवस्था सुधारने वाला कोई नजर नहीं आया।
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन के प्रति तीखी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि चौराहे पर नियमित यातायात पुलिस की तैनाती न होने और अवैध अतिक्रमण के कारण यह समस्या रोज की बात हो गई है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए और अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेगी।
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