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एकलव्य स्टेडियम में कोचों की भारी कमी, फुटबॉल और टेनिस जैसे खेलों में खिलाड़ी खुद के भरोसे


​अंबेडकरनगर। जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए करीब दो दशक पहले अकबरपुर में स्थापित राजकीय एकलव्य स्टेडियम आज खुद संसाधनों और प्रशिक्षकों (कोचों) की कमी से जूझ रहा है। आलम यह है कि स्टेडियम में पंजीकृत लगभग 300 खिलाड़ियों में से फुटबॉल, बास्केटबॉल और टेनिस के खिलाड़ियों के पास कोई सिखाने वाला ही नहीं है।
​सुविधाएं बढ़ीं पर 'गुरु' नदारद
​अकबरपुर स्थित इस स्टेडियम का निर्माण जिले के युवाओं को बेहतर मंच देने के उद्देश्य से किया गया था। समय के साथ यहाँ बुनियादी सुविधाओं में सुधार तो हुआ, लेकिन खेल विशेषज्ञों की तैनाती पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान में स्थिति यह है:
​हॉकी: करीब 80 खिलाड़ी पंजीकृत हैं, जिनमें से कई ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।
​बैडमिंटन: 50 से अधिक खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं।
​तनावपूर्ण स्थिति: फुटबॉल, बास्केटबॉल और टेनिस जैसे महत्वपूर्ण खेलों के लिए एक भी विशेषज्ञ कोच तैनात नहीं है।
​विशेषज्ञों की राय: खाली पदों पर हो जल्द तैनाती
​पूर्व क्रिकेटर हादी रजा ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि एकलव्य स्टेडियम जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो सकता है, लेकिन कोचों की कमी उनकी राह में बड़ा रोड़ा है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया है कि जिन खेलों के पद खाली हैं, वहाँ तत्काल कोच नियुक्त किए जाएं ताकि खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
​वर्तमान स्थिति का आंकलन
​स्टेडियम में इस वक्त कुल आठ कोच तैनात हैं, जो जूडो, तैराकी और हॉकी जैसे खेलों को संभाल रहे हैं। लेकिन फुटबॉल और टेनिस जैसे वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय खेलों में कोच न होना खेल विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि बिना मार्गदर्शन के वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।

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