डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। मर्यादा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम कही जाने वाली डुमरियागंज की 'राम-राम होली' इस वर्ष भी पूरे गौरव और भव्यता के साथ संपन्न हुई। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के संयोजन में आयोजित होने वाली इस विशेष होली ने समूचे क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना ली है।
सड़कों पर दिखा जन-उत्साह
होली के पावन अवसर पर डुमरियागंज की सड़कों पर भारी भीड़ और उत्साह का माहौल देखा गया। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह खुद जनता के बीच पहुंचे और अबीर-गुलाल लगाकर 'राम-राम' की गूँज के साथ गले लगकर पर्व की बधाई दी। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक फाग गीतों की थाप पर झूमते हजारों लोगों ने पूरे कस्बे को उल्लासपूर्ण बना दिया।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भाईचारे का संदेश
इस वार्षिक आयोजन के माध्यम से पूर्व विधायक ने क्षेत्र में एक नई सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। 'राम-राम' की गूँज के साथ निकलने वाली टोलियों में हर वर्ग के लोग शामिल हुए।
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस मौके पर कहा:
"यह 'राम-राम होली' केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और अपनी जड़ों से जुड़ने का एक माध्यम है। भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि क्षेत्र की जनता अपनी संस्कृति और आपसी प्रेम के प्रति कितनी सजग है।"
शांतिपूर्ण रहा भव्य आयोजन
भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल की मुस्तैदी के बीच यह विशाल मिलन कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र का सबसे प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया।
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