अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में पिछले साल सीवर सफाई के दौरान हुई दो मजदूरों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज की जर्जर सीवर प्रणाली और पिछले 5 साल से बंद पड़े एसटीपी (STP) प्लांट की मरम्मत के लिए 33 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस राशि से अस्पताल से लेकर छात्रावास और आवासीय परिसर तक की लगभग 2 किमी लंबी सीवर लाइन को ठीक किया जाएगा।
हादसे के बाद मिला बजट का सहारा
बता दें कि पिछले साल जुलाई में सीवर की सफाई करते समय मनीराम और देवानंद नामक दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही कॉलेज प्रशासन लगातार बजट की मांग कर रहा था। अब बजट स्वीकृत होने के बाद मरम्मत का जिम्मा कार्यदायी संस्था SND को सौंपा जाएगा।
5 साल से कबाड़ बना है लाखों का प्लांट
मेडिकल कॉलेज का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पिछले पांच साल से सफेद हाथी साबित हो रहा है। प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) और हॉस्टल का गंदा पानी बिना फिल्टर हुए सीधे थिरुआ नाले में जा रहा है, जिससे भारी जल प्रदूषण फैल रहा है। प्लांट के आसपास अब झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे वहां तैनात कर्मचारियों पर जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी मंडरा रहा है।
प्राचार्य का बयान: जल्द शुरू होगा काम
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि सीवर की सफाई और एसटीपी की मरम्मत के लिए बजट प्राप्त हो गया है। जल्द ही कार्यदायी संस्था को काम हैंडओवर कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और प्रदूषण की समस्या का स्थाई समाधान हो।

0 टिप्पणियाँ