संतकबीरनगर (मेंहदावल): जिले के मेंहदावल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा से जाली नोट निकलने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक के कैश काउंटर से मिले नकली नोट ने उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
मेंहदावल नगर पंचायत निवासी और SBI खाताधारक सुनील कुमार गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे अपनी शाखा से ₹20,000 निकालने गए थे। नकदी लेते समय उन्हें तीन नोट खराब मिले थे, जिन्हें उन्होंने मौके पर ही बदलवा लिया था।
शनिवार को खुला राज:
सुनील कुमार शनिवार को जब खरीदारी करने निकले, तो उन्हें पता चला कि उनके पास मौजूद ₹200 का एक नोट जाली (नकली) है। वह तुरंत सुबह 11:00 बजे बैंक पहुँचे और शाखा प्रबंधक सुधीर कुमार को पूरी घटना की जानकारी दी।
मैनेजर का अजीबोगरीब कदम
हैरानी की बात यह रही कि शाखा प्रबंधक ने बिना किसी विशेष पूछताछ के वह जाली नोट ले लिया और अपनी जेब से ₹100-100 के दो नोट निकालकर पीड़ित ग्राहक को दे दिए। प्रबंधक का यह व्यवहार बैंक की आधिकारिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
शाखा प्रबंधक का तर्क: "5 नोट मिलने पर ही होगा एक्शन"
इस मामले पर जब शाखा प्रबंधक सुधीर कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया:
संभवतः किसी नए कर्मचारी ने बिना ठीक से जांचे यह नोट दे दिया होगा।
बैंक अभी इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं करेगा।
प्रबंधक के अनुसार, "कम से कम पांच जाली नोट मिलने पर ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।"
बस्ती मंडल न्यूज़ का सवाल: अगर बैंक के सुरक्षित काउंटरों से ही जाली नोट निकलने लगेंगे और अधिकारी इसे 'नया कर्मचारी' कहकर टाल देंगे, तो आम आदमी के पैसों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
ग्राहकों में चिंता
बैंक से नकली नोट निकलने की खबर के बाद स्थानीय खाताधारकों में असुरक्षा का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर आम आदमी को कहीं से जाली नोट मिल जाए तो पुलिस उसे पकड़ लेती है, लेकिन बैंक काउंटर से जाली नोट निकलने पर प्रशासन मौन क्यों है?
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