सिद्धार्थनगर। किशोरों की सुरक्षा, उनके पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने के लिए बुधवार को जनपद के आला अधिकारियों ने बस्ती स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का संयुक्त निरीक्षण किया। जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की इस मौजूदगी ने संस्थान की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से आकलन किया।
भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर जोर
निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने आवासीय कक्षों और भोजनालय (मेस) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने न सिर्फ रसोई की स्वच्छता देखी, बल्कि किशोरों को दिए जाने वाले भोजन की पौष्टिक गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किशोरों के आहार और पेयजल में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित रहा दौरा
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि संप्रेक्षण गृह का उद्देश्य केवल रखना नहीं, बल्कि सुधार करना है। निरीक्षण के दौरान:
- स्वास्थ्य परीक्षण: दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
- शिक्षा: किशोरों की पढ़ाई और उनके कौशल विकास (Skill Development) के लिए चल रही गतिविधियों को परखा गया।
- मानसिक स्वास्थ्य: अधिकारियों ने कर्मियों को निर्देश दिए कि बच्चों के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार करें ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
अभिलेखों की जांच और सुधार के निर्देश
संयुक्त टीम ने संस्थान के उपस्थिति रजिस्टर, स्वास्थ्य परीक्षण रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मिलान किया। कुछ स्थानों पर कमियां पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
"किशोरों का सुरक्षित भविष्य और उनका बेहतर पुनर्वास हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए संप्रेक्षण गृह के वातावरण को सकारात्मक और सुरक्षित बनाए रखना अनिवार्य है।" - प्रशासनिक वक्तव्य
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