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औद्योगिक कचरा प्रबंधन और आमी नदी का प्रदूषण

​खलीलाबाद। संतकबीरनगर की सबसे महत्वपूर्ण तहसील खलीलाबाद में इस समय आमी नदी के प्रदूषण और औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Waste) का निस्तारण एक गंभीर कानूनी और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है।
​विस्तृत रिपोर्ट: खलीलाबाद के मगहर और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला रसायन युक्त पानी सीधे आमी नदी में गिर रहा है, जिसे स्थानीय लोग 'नदी का जहर' कह रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त रुख के बाद, तहसील प्रशासन ने उन फैक्टरियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है जिनके पास 'ट्रीटमेंट प्लांट' (ETP) नहीं हैं। खलीलाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों किसान इस प्रदूषित पानी की वजह से अपनी फसलों के बर्बाद होने और पशुओं के बीमार पड़ने की शिकायत लगातार कर रहे हैं। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वह एक तरफ औद्योगिक विकास (हैंडलूम और प्लास्टिक इंडस्ट्री) को भी बचाए रखना चाहता है और दूसरी तरफ पर्यावरण मानकों का पालन भी सुनिश्चित करना है। हाल ही में तहसील प्रशासन ने कुछ बड़ी इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाया है। आपके पोर्टल के लिए यह खबर इसलिए बड़ी है क्योंकि इसमें पर्यावरण संरक्षण बनाम विकास की एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है, जिसमें सीधे तौर पर तहसील के हजारों ग्रामीण और शहरी निवासी शामिल हैं।

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