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तहसील इटवा (सिद्धार्थनगर): 'सफेद हाथी' बनी सरयू नहर परियोजना, गेहूं की सिंचाई पर संकट


​सिद्धार्थनगर जिले की इटवा तहसील में किसानों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती गेहूं की तीसरी और चौथी सिंचाई है। फरवरी की तेज धूप ने खेतों में नमी खत्म कर दी है, लेकिन नहरें धूल फांक रही हैं।
​समस्या का विस्तार: करोड़ों की लागत वाली सरयू नहर परियोजना इटवा के किसानों के लिए 'सफेद हाथी' साबित हो रही है। नहरों में पानी न होने और टेल (अंतिम छोर) तक सिल्ट जमा होने के कारण पानी खेतों तक नहीं पहुँच पा रहा है।
वर्तमान असर: गेहूं की बालियां निकलते समय पानी की सख्त जरूरत होती है। पानी न मिलने से दाना पतला रह जाने का डर है। मजबूरन किसान ₹150-₹200 प्रति घंटा की दर से निजी पंपसेट से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है और मुनाफा घट गया है।

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