Ad Code

ब्रेकिंग न्यूज़: लोड हो रहा है... ताज़ा हेडलाइंस आ रही हैं...

डुमरियागंज ब्लॉक के गांवों की गलियां बनीं 'जंगल', सफाई कर्मी गांवों से लापता!


​सिद्धार्थनगर (डुमरियागंज): सरकार भले ही गांवों को स्मार्ट बनाने का दावा करे, लेकिन डुमरियागंज ब्लॉक के गांवों की अंदरूनी सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। गांव के भीतर की इंटरलॉकिंग सड़कों और खड़ंजों पर इस कदर घास-फूस और झाड़ियाँ उग आई हैं कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
​सफाई कर्मी सिर्फ कागजों पर कर रहे 'सफाई'
​गांव के अंदर की गलियों की सफाई की जिम्मेदारी जिन सफाई कर्मियों पर है, वे महीनों से गांव में दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और वेतन लेने तक सीमित रह गए हैं। सफाई न होने की वजह से:
​संकरी हुईं गलियां: गांव के अंदर की मुख्य सड़कें अब संकरी पगडंडी जैसी नजर आ रही हैं।
​सांप-बिच्छू का बसेरा: घनी झाड़ियों और घास के कारण गलियों में जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है, जिससे छोटे बच्चों का बाहर निकलना खतरनाक हो गया है।
​गंदगी और बीमारियां: झाड़ियों में कूड़ा फंसने और सफाई न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
​प्रशासन से ग्रामीणों की सीधी मांग
​ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी (BDO) डुमरियागंज और जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) का ध्यान इस ओर खींचते हुए मांग की है कि:
​गांव के अंदर की सभी सड़कों की तत्काल सफाई कराई जाए।
​ड्यूटी से गायब रहने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
​सफाई कर्मियों की रोस्टर के अनुसार गांव में मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
​"गांव की गलियों में झाड़ियाँ इतनी बड़ी हो गई हैं कि रात के समय चलना खतरे से खाली नहीं है। हम टैक्स देते हैं और सरकार बजट देती है, फिर भी हमें जंगल जैसी गलियों में रहने को मजबूर किया जा रहा है।" — स्थानीय ग्रामीण

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Close Menu