Source-Danik Bhaskar
सिद्धार्थनगर (नौगढ़)। जिले के मोहाना चौराहा स्थित 'मोगीस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक' में स्वास्थ्य मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस अस्पताल का पंजीकरण सरकारी कागजों में महज 10 बेड का है, वह तीन अलग-अलग इमारतों में फैलकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। बिना लाइसेंस की पैथोलॉजी और एक्स-रे मशीनों के जरिए मरीजों की जेब ढीली की जा रही है।
पड़ताल में खुला 'झोलाछाप' सिस्टम का राज
जब अस्पताल की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। एक इमारत में अवैध एक्स-रे, दूसरी में बिना लाइसेंस की पैथोलॉजी और तीसरी में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। डमी मरीज भेजकर की गई जांच में पता चला कि बिना किसी प्रोटोकॉल के धड़ल्ले से इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और दवाइयां लिखी जा रही हैं। इलाज करने वालों के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री तक नहीं मिली।
गलत रिपोर्ट और रेडिएशन का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मानक वाली पैथोलॉजी से गलत रिपोर्ट आने का डर रहता है, जिससे मरीज को गलत दवा मिल सकती है। वहीं, बिना अनुमति चल रहे एक्स-रे सेंटर से निकलने वाला रेडिएशन मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यह अस्पताल क्षमता से कई गुना अधिक मरीजों को भर्ती कर नियमों को ठेंगा दिखा रहा है।
CMO ने दिए जांच के आदेश
इस गंभीर मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने संज्ञान लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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