मृतक पुत्र की फाइल फोटो

बस्ती मंडल न्यूज,बस्ती। जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बानपुर गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार में 24 घंटे के भीतर पिता और पुत्र दोनों की मौत हो गई। शुक्रवार को रेल हादसे में जान गंवाने वाले बेटे का शव जैसे ही घर पहुंचा, वृद्ध पिता यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। उनकी तबीयत बिगड़ी और शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थियों को देख पूरा इलाका गमगीन हो उठा।
गोरखपुर में रेल हादसे का शिकार हुआ था इकलौता बेटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बानपुर गांव निवासी किसान बलीराम उर्फ तितिल चौहान (65) के 35 वर्षीय पुत्र सुनील चौहान गोरखपुर में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। सुनील अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए वहीं रहकर मेहनत-मजदूरी करते थे। बीते 16 जुलाई की रात गोरखपुर में एक दर्दनाक रेल हादसे के दौरान सुनील चौहान की अकाल मृत्यु हो गई।
शव देखते ही बिगड़ी पिता की हालत
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार की रात सुनील का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से बानपुर गांव लाया गया। जवान बेटे का शव आंगन में देखते ही वृद्ध पिता बलीराम गहरे सदमे में चले गए। परिजनों के अनुसार, बेटे के वियोग में उनकी तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ शनिवार की सुबह करीब 7 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में नहीं जले चूल्हे
ग्रामीणों ने बताया कि बलीराम अपने परिवार के मुख्य आधार थे। वे खेती-किसानी के जरिए पूरे परिवार को संभाल रहे थे। मृतक सुनील विवाहित थे और अपने पीछे पत्नी सहित चार मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। 24 घंटे के भीतर घर के दो कमाने वाले सदस्यों की मौत से परिवार के सामने अब गहरा आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। इस वीभत्स त्रासदी के बाद बानपुर गांव के किसी भी घर में शनिवार को चूल्हा नहीं जला। हर आंख नम है और हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा है।