धर्मसिंहवा (संतकबीरनगर)। जनपद के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के बरगदवां गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र आकाश पांडेय (26) की सड़क हादसे में मौत की खबर आई। होली के दिन एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने होनहार छात्र को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई।
मां से किया वादा रह गया अधूरा
आकाश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिजनों ने भारी मन से बताया कि आकाश ने इस होली पर घर आने के बजाय अपनी मां लीलावती देवी से वादा किया था कि— "मां, इस बार नहीं, अगली बार जब डिग्री पूरी कर डॉक्टर बनकर आऊंगा, तब जी भरकर होली खेलेंगे।" विधाता को कुछ और ही मंजूर था; अगली होली का वह वादा कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
गरीबों के लिए अस्पताल खोलना था लक्ष्य
आकाश न केवल एक मेधावी छात्र थे, बल्कि उनके विचार भी उच्च थे। अपने दोस्तों के बीच वे अक्सर जिक्र करते थे कि डॉक्टर बनने के बाद वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में एक अस्पताल खोलेंगे, ताकि गरीबों का मुफ्त और बेहतर इलाज हो सके। पिता देवेंद्र पांडेय, जो टेंट की दुकान चलाकर बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना संजोए थे, आज अपने इकलौते चिराग को खोकर पूरी तरह टूट चुके हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा
तीन बहनों के बीच अकेले भाई की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
बदहवास मां-बाप: मां लीलावती का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार ईश्वर से पूछ रही हैं कि आखिर उन्हें किस बात की सजा मिली।
पुलिस कार्रवाई: हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
जवान बेटे की अर्थी को बुजुर्ग पिता द्वारा कंधा देते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। यह हादसा केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि क्षेत्र ने एक भविष्य का डॉक्टर खो दिया है।

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