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टांडा कोतवाली में नहीं उड़ी गुलाल, पूर्व सभासद की हत्या से शोक में डूबी पुलिस

​**बस्ती मंडल न्यूज़ की रिपोर्ट: **


​अंबेडकरनगर। जहाँ पूरे प्रदेश और जिले के थानों में होली के हुड़दंग और रंगों की बौछार देखने को मिली, वहीं जनपद की टांडा कोतवाली में इस बार सन्नाटा पसरा रहा। पूर्व सभासद और लकड़ी व्यापारी सुरेंद्र मांझी की निर्मम हत्या के विरोध और शोक में टांडा पुलिस ने होली का जश्न न मनाने का भावुक फैसला लिया।
​क्या है पूरा मामला?
​होली से ठीक एक दिन पहले टांडा कोतवाली क्षेत्र के जनार्दनपुर में दिनदहाड़े पूर्व सभासद सुरेंद्र मांझी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल इलाके को दहला दिया, बल्कि त्योहार की खुशियों पर भी मातम छा गया।
​जश्न से दूरी, कर्तव्यों को दी प्राथमिकता
​घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए टांडा कोतवाली पुलिस ने निर्णय लिया कि जब तक अपराधी सलाखों के पीछे नहीं होंगे, तब तक कोई उत्सव नहीं मनाया जाएगा।
​सन्नाटे में कोतवाली: इस बार कोतवाली परिसर में न ढोल की थाप सुनाई दी और न ही रंग-गुलाल उड़ा।
​दबिश जारी: पुलिसकर्मी त्यौहार मनाने के बजाय पूरे दिन आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी और साक्ष्य जुटाने में व्यस्त रहे।
​जनता की नजरें अब पुलिस पर
​स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस फैसले को एक 'मानवीय पहल' बताया है। लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित परिवार अपने सदस्य को खोने के गम में डूबा हो, तब पुलिस का इस तरह संवेदना जताना उनकी जिम्मेदारी का परिचायक है।
​अब देखना यह है कि कानून व्यवस्था पर उठे इन सवालों के बीच अंबेडकरनगर पुलिस कब तक इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करती है।

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