बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: गोविंद कुमार, सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सोमवार, 23 मार्च को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुँच गए। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में भारी अव्यवस्था और स्टाफ की मनमानी उजागर हुई। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए वार्डेन सहित पांच कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने के सख्त निर्देश दिए हैं।

हाजिरी रजिस्टर में खुली पोल: 5 कर्मचारी मिले नदारद

​जिलाधिकारी ने सबसे पहले विद्यालय की उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) की जांच की, जिसमें अनुशासनहीनता की कलई खुल गई। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित स्टाफ बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाया गया:

  1. आशा गुप्ता (वार्डेन)
  2. अर्चना यादव (शिक्षिका)
  3. सीमा वर्मा (शिक्षिका)
  4. शकुन्तला यादव (शिक्षिका)
  5. गीता यादव (मुख्य रसोइया)

​मौके पर मौजूद कर्मियों ने वार्डेन के प्रशिक्षण में होने का बहाना बनाया, लेकिन कोई भी आधिकारिक आदेश या स्वीकृति पत्र पेश नहीं कर सका। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

छात्राओं से खुद की पूछताछ, पढ़ाई की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

​कागजी खानापूर्ति के बाद डीएम सीधे कक्षाओं में पहुँचे। उन्होंने कक्षा 6, 7 और 8 की छात्राओं से संवाद किया और उनसे हिंदी की पाठ्यपुस्तकें पढ़वाकर उनकी शैक्षणिक क्षमता को परखा। जिलाधिकारी ने पाया कि शिक्षण व्यवस्था में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों को पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाने और छात्राओं के बौद्धिक स्तर को सुधारने के निर्देश दिए।

नामांकन 100 लेकिन मौके पर मिलीं सिर्फ 72 छात्राएं

​निरीक्षण में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विद्यालय में कुल 100 छात्राओं का नामांकन है, लेकिन मौके पर केवल 72 छात्राएं ही उपस्थित थीं। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और स्कूल प्रशासन को निर्देशित किया कि अभिभावकों से संपर्क कर छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

भोजन और साफ-सफाई की भी हुई जांच

​डीएम ने किचन में जाकर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेन्यू के पालन की स्थिति देखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालिकाओं को पौष्टिक भोजन और स्वच्छ पेयजल मिलना चाहिए। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और शौचालयों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा मिली तो और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।