अम्बेडकरनगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की सुस्त रफ्तार पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों व बैंक प्रबंधकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
बैंकों के लिए 'डेडलाइन': 15 दिन में करना होगा निस्तारण
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बैंकों में लंबित आवेदनों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि:
- किसी भी बैंक शाखा में कोई भी आवेदन 15 दिन से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए।
- जिन शाखाओं में अधिक आवेदन पेंडिंग हैं, उनके प्रबंधकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- लंबित आवेदनों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।
सोलर पैनल से बचत भी और कमाई भी
बैठक के दौरान डीएम ने योजना के दूरगामी लाभ गिनाते हुए कहा कि घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने से न केवल बिजली बिल जीरो होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर उपभोक्ता आय (Income) भी कर सकेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी।
जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने कर्मचारियों और आम जनता को इस स्वच्छ ऊर्जा योजना के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि "ऊर्जा आत्मनिर्भरता" के लिए अधिक से अधिक लोगों को छत पर सोलर संयंत्र लगाने हेतु प्रेरित किया जाए।

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