मुंडेरवा (बस्ती): थाना क्षेत्र के कबरा डिहवा पुरवा में क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री पोर्टल का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हरकत में आई मुंडेरवा पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या था विवाद?
मामला 18 फरवरी की सुबह का है, जब गांव के पश्चिम बाग में 14 वर्षीय रितेश पुत्र रामलौट क्रिकेट खेल रहा था। आरोप है कि खेल के दौरान रामसकल (पुत्र पल्टन) ने उसे मना किया। जब रितेश ने थोड़ी देर में खेल बंद करने की बात कही, तो विवाद बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, विपक्षियों ने रितेश को लात-घूँसों और डंडों से जमकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस पर लगा टालमटोल का आरोप
पीड़ित पक्ष के रंगीलाल का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद मुंडेरवा पुलिस को सूचना दी थी। उनका आरोप है कि:
पुलिस ने उन्हें दिन भर थाने में बैठाए रखा।
उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मजबूर होकर उन्होंने 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी गुहार लगाई।
BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज
मुख्यमंत्री पोर्टल से निर्देश मिलने के बाद, मुंडेरवा पुलिस ने 27 फरवरी को कार्रवाई सुनिश्चित की। पुलिस ने दूसरे पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है:
रामशकल
अशोक
रामशकल की पत्नी
माया देवी
इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया है।
"मुख्यमंत्री पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।" — प्रदीप कुमार सिंह, थानाध्यक्ष मुंडेरवा
पहले पक्ष की स्थिति
गौरतलब है कि इस खूनी संघर्ष में पहले पक्ष की माया देवी और उनके भाई को भी गंभीर चोटें आई थीं, जिनका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। अब दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की छानबीन में जुट गई है।
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