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सिद्धार्थनगर: शंकराचार्य पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर PM को भेजा ज्ञापन


​सिद्धार्थनगर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज होने और कुंभ के दौरान उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर बुधवार को सिद्धार्थनगर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष सुहेल अहमद के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
​"धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बर्दाश्त नहीं"
​प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि संतों और धार्मिक संस्थाओं को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है। जिलाध्यक्ष सुहेल अहमद ने कहा कि कुंभ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य और उनके अनुयायियों को स्नान से रोकना और शिष्यों के साथ अभद्र व्यवहार करना सनातन परंपरा का अपमान है।
​FIR की निष्पक्ष जांच की मांग
​कांग्रेस ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख बिंदु उठाए गए:
​निष्पक्ष जांच: शंकराचार्य और स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर दर्ज यौन शोषण की FIR की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच हो।
​संविधान का हवाला: अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मिलने वाले धार्मिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
​बटुकों से दुर्व्यवहार: कुंभ में आए शिष्यों के साथ हुई बदसलूकी के दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
​आंदोलन की चेतावनी
​कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह केवल एक संत का अपमान नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार है। यदि सरकार ने इस मामले में न्यायसंगत कदम नहीं उठाए, तो पार्टी पूरे प्रदेश में बड़ा जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

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