बस्ती/रामनगर: जनपद बस्ती के रामनगर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत 'बांके चोर' में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। हमारे न्यूज़ पोर्टल की विशेष पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि यहाँ मनरेगा योजना के तहत धन उगाही के लिए खुलेआम 'फोटो जालसाजी' का सहारा लिया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत में संचालित कार्यों के दौरान एक ही मजदूर की फोटो का इस्तेमाल दो अलग-अलग मास्टर रोल पर करके सरकारी खजाने को चूना लगाने का प्रयास किया जा रहा है। साक्ष्यों (Master Roll Photos) से स्पष्ट है कि यह तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है ताकि एक ही व्यक्ति की उपस्थिति दो जगह दिखाकर दोहरा भुगतान प्राप्त किया जा सके।
जिम्मेदारों के 'गोल-मोल' जवाब (Exclusive Recording):
जब इस मामले में बस्ती मंडल न्यूज़ ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का पक्ष जानना चाहा, तो उनके जवाब हैरान करने वाले थे:
ग्राम प्रधान: बोले- "हमें नियम-कानून नहीं पता, यह सब कैसे होता है हमें जानकारी नहीं।"
।सजग पत्रकारिता का असर:
हमारे संस्थान, जो कि MSME में रजिस्टर्ड है और MIB (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) के आईटी रूल्स 2021 का पूर्ण पालन करता है, ने इस पूरे मामले के साक्ष्य और कॉल रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर लिया है। इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी (DM) बस्ती और मंत्रालय को आधिकारिक तौर पर प्रेषित कर दी गई है।
बड़ा सवाल:
क्या प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों और प्रधान पर कड़ी कार्रवाई करेगा, या 'गलती' का बहाना बनाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?

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