बस्ती सदर: जिला मुख्यालय होने के नाते बस्ती सदर को 'स्मार्ट सिटी' की तर्ज पर विकसित करने के दावे तो बहुत किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत आज दोपहर शहर की सड़कों पर रेंगते वाहनों ने बयां कर दी। हमारे वर्चुअल पत्रकार ने रिपोर्ट दी है कि कंपनी बाग से लेकर कलेक्ट्रेट और गांधी नगर बाजार तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग:
शहर के मुख्य हृदय स्थल गांधी नगर में दुकानदारों ने फुटपाथों पर कब्जा कर रखा है, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर आना पड़ता है। दोपहर के समय जब कचहरी और स्कूलों की छुट्टी होती है, तब स्थिति और भी भयावह हो जाती है। आज दोपहर मालवीय रोड पर एक एम्बुलेंस करीब 20 मिनट तक जाम में फंसी रही। पुलिस प्रशासन के ट्रैफिक होमगार्ड्स चौराहों पर केवल खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं।
प्रशासनिक ढिलाई:
नगर पालिका और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा जनता भुगत रही है। सदर तहसील के व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग की कोई स्थाई जगह न होने के कारण ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी करते हैं। अगर जल्द ही वन-वे ट्रैफिक और मल्टीलेवल पार्किंग पर काम नहीं हुआ, तो बस्ती सदर की सड़कें पूरी तरह चोक हो जाएंगी।
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