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खेसरहा में गूँजी युवाओं और किसानों की आवाज़, अधिकार सम्मेलन के दूसरे दिन रोज़गार पर मंथन

बस्ती मंडल न्यूज़: 
​सिद्धार्थनगर (खेसरहा): जनपद के खेसरहा ब्लॉक में आयोजित 'किसान-मजदूर-नौजवान अधिकार सम्मेलन' का दूसरा दिन पूरी तरह युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को समर्पित रहा। समाजवादी पार्टी के दिग्गजों और किसान नेताओं के जमावड़े ने इस आयोजन को एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का केंद्र बना दिया है।
​युवाओं के रोज़गार और शिक्षा पर ज़ोर
​सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. वेद प्रकाश पाण्डेय (जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी, वार्ड 36) ने युवाओं के मुद्दों को प्रखरता से उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास की भारी कमी है।
​प्रमुख माँगें और चर्चा के बिंदु:
​कौशल विकास: युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगारपरक प्रशिक्षण मिले।
​डिजिटल शिक्षा: ग्रामीण क्षेत्रों में कोचिंग सुविधाओं और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
​पारदर्शिता: सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली रोकने और पारदर्शिता लाने की ज़रूरत।
​दिग्गजों का जमावड़ा: सपा की एकजुटता
​सम्मेलन की अध्यक्षता सपा प्रदेश महासचिव व पूर्व विधायक जयशंकर पांडे ने की, जबकि उद्घाटन किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व कद्दावर नेता माता प्रसाद पांडेय ने किया।
​सम्मेलन में मौजूद रहे प्रमुख चेहरे:
​कुशल तिवारी: पूर्व सांसद एवं लोकसभा प्रत्याशी।
​सैयदा खातून: विधायक, डुमरियागंज।
​आलोक तिवारी: पूर्व राज्यसभा सांसद।
​राजमणि पाण्डेय: पूर्व विधायक, बस्ती।
​लालजी यादव: सपा जिलाध्यक्ष (आयोजक)।
​रामवृक्ष यादव: पूर्व एमएलसी।
​"विकास की रीढ़ हैं किसान और नौजवान"
​वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा और नौजवान के हाथ में काम नहीं होगा, तब तक क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। पूर्व विधायक अमर सिंह चौधरी और विजय पासवान ने भी कृषि संकट और मजदूरों के पलायन जैसे गंभीर विषयों पर अपनी बात रखी।
​बांसी विधानसभा से सपा प्रत्याशी मोनू दूबे और विधानसभा अध्यक्ष विनोद यादव ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

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