उस्का बाजार: 'बुद्ध का प्रसाद' कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध काला नमक चावल की खेती के लिए मशहूर उस्का बाजार तहसील में इस बार किसानों का उत्साह कम दिख रहा है। दोपहर की हमारी रिपोर्ट के अनुसार, बीज की उपलब्धता और समय पर खाद न मिलने से किसान अब अन्य फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
मार्केटिंग की कमी:
किसानों का कहना है कि काला नमक चावल को GI टैग तो मिल गया, लेकिन उन्हें उचित बाजार भाव नहीं मिल रहा। बिचौलिए कम दाम में फसल खरीद लेते हैं। उस्का बाजार के किसानों ने मांग की है कि तहसील स्तर पर सरकारी खरीद केंद्र खोले जाएं और विशेष सब्सिडी प्रदान की जाए।
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