अम्बेडकरनगर। आलापुर थाना क्षेत्र के महेशपुर मंडप गांव से 10 दिन पहले लापता हुई युवती का मामला प्रेम विवाह के सुखद अंत के साथ सुलझ गया है। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बीच, युवती खुद थाने पहुँची और अपने बालिग होने के प्रमाण के साथ मंदिर में शादी करने का दावा किया।
ननिहाल में शुरू हुई थी 'प्रेम कहानी'
यह पूरा मामला महेशपुर मंडप गांव की निवासी सुदामा और बसखारी थाना क्षेत्र के भिदूण गांव के निवासी संगू निषाद के बीच का है। मिली जानकारी के अनुसार, संगू निषाद का ननिहाल महेशपुर मंडप गांव में ही है, जिसके चलते दोनों की मुलाकातें हुईं और वे एक-दूसरे के करीब आए
परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
करीब 10 दिन पहले दोनों घर से बिना बताए फरार हो गए थे। बेटी के लापता होने से परेशान परिजनों ने आलापुर थाने में उसकी गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस युवती की तलाश कर ही रही थी कि वह अचानक खुद थाने पहुँच गई।
बालीग होने का प्रमाण और कोर्ट में बयान
थाने पहुँची सुदामा ने पुलिस को दो-टूक शब्दों में बताया कि वह बालीग है और अपनी मर्जी से संगू निषाद के साथ गई थी। उसने स्वीकार किया कि उसने मंदिर में रीति-रिवाजों के साथ संगू से शादी कर ली है और अब वह उसी के साथ रहना चाहती है।
"युवती के बयान दर्ज करने के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट में दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने युवती को उसके पति की मां (सास) फूला निषाद के सुपुर्द कर दिया है।" - स्थानीय पुलिस
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