मुख्य बिंदु जो आप अपनी खबर में शामिल कर सकते हैं:
समय सीमा का उल्लंघन: पोर्टल पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि आवेदन के 45 कार्य दिवसों के भीतर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन असलियत में 60-70 दिन बीत जाने के बाद भी स्टेटस 'Under Processing' ही दिखा रहा है।
निवेशकों की परेशानी: निवेशक राजेश चंद्र (जैसा कि आपके स्क्रीनशॉट में है) जैसे हजारों लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई (जैसे ₹30,000 का दावा) वापस पाने के लिए साइबर कैफे और पोर्टल के चक्कर काट रहे हैं।
तकनीकी खामियां: 'रि-सबमिशन' के बाद भी कई बार पोर्टल पर 'Deficiency' (कमियां) दिखाई जाती हैं, जिन्हें ठीक करना एक आम आदमी के लिए काफी जटिल प्रक्रिया है।
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