नकदी के बाद अब दान के सोने-चांदी के जेवरातों का भी नहीं मिल रहा हिसाब; साल 2021 से हुई जमीन खरीद की फाइलें खंगाल रही है एसआईटी।
अयोध्या/लखनऊ:
राम मंदिर ट्रस्ट में दान की राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब गहराता जा रहा है। इस बड़े विवाद का सीधा असर अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर के चढ़ावे पर दिखने लगा है। जहाँ पिछले कई महीनों से मंदिर को हर महीने औसतन 7 करोड़ रुपये के आसपास दान मिल रहा था, वहीं विवाद के बाद पिछले एक पखवाड़े (15 दिन) में यह आंकड़ा घटकर महज डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लगातार यह दावा कर रहा है कि दान संग्रह और उसकी गिनती की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, लेकिन गबन के गंभीर आरोपों ने श्रद्धालुओं के एक बड़े वर्ग के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसआईटी (SIT) की जांच का चौथा दिन: दिग्गजों से पूछताछ
दान की रकम में हेरफेर की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई चौथे दिन भी बेहद तेज रही। एसआईटी की टीम सुबह 10 बजे से लेकर देर रात तक साक्ष्य जुटाने और पूछताछ में लगी रही। इस सिलसिले में केरल से अयोध्या पहुंचे ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा से एसआईटी ने करीब तीन घंटे तक सघन पूछताछ की। इसके साथ ही गोपाल राव और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी तीखे सवाल पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को नकदी के रिकॉर्ड और खातों के मिलान में कई गंभीर खामियां मिली हैं।
अब जेवरातों के हिसाब-किताब पर भी उठे सवाल
जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी मंदिर में चढ़ावे के रूप में आए सोने, चांदी और हीरे के कीमती जेवरातों का सही और सटीक हिसाब-किताब देने में असमर्थ रहे हैं। इसके बाद अब यह आशंका और बढ़ गई है कि करोड़ों की नकदी के साथ-साथ कीमती आभूषणों में भी बड़ा हेरफेर किया गया है।
साल 2021 से हुई जमीनों की खरीद भी जांच के घेरे में
एसआईटी की जांच अब सिर्फ दान की नकदी तक सीमित नहीं है। जांच टीम ने साल 2021 से लेकर अब तक ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड और पत्रावलियों का परीक्षण शुरू कर दिया है। एसआईटी मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही है कि:
- क्या दान में आई राशि का सीधा संबंध इन जमीनों की खरीद से है?
- जमीनों की वास्तविक बाजार कीमत (Market Value) और ट्रस्ट द्वारा चुकाई गई कीमत (Purchase Price) में इतना बड़ा अंतर क्यों है?
- क्या भूमि खरीद के दौरान तय की गई सरकारी और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं?
इस भूमि खरीद मामले में अब तक तीन अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा चुकी है। एसआईटी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्ट: बस्ती मंडल न्यूज नेटवर्क

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